PCOS में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं: रोज़ की भारतीय थाली में छोटे बदलाव

PCOS की रिपोर्ट आते ही सबसे पहले चावल बंद, रोटी आधी और फल भी गिन-गिनकर, है ना? मौसी से लेकर जिम वाली सहेली तक, सबकी सलाह यही होती है। फिर आप रात को फ़ोन पर pcos me kya khana chahiye खोजती हैं और हर नया वीडियो एक और चीज़ बंद करवा देता है।
हाँ, PCOS में खाना सच में मायने रखता है। ज़्यादातर महिलाओं में इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता, और जो खाना ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ाता है वह हॉर्मोन को और उलझा सकता है। लेकिन भूखे रहने या अनाज छोड़ देने से बात नहीं बनती। बदलना है थाली का हिसाब, अनाज का चुनाव और मीठे का समय।
PCOS में खाना क्यों मायने रखता है
PCOS में शरीर को ब्लड शुगर संभालने के लिए ज़्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है। यह बढ़ा हुआ इंसुलिन ओवरी को ज़्यादा androgen (पुरुष हॉर्मोन) बनाने का संकेत देता है। इसी से मुँहासे, चेहरे पर बाल और अनियमित पीरियड्स आते हैं। अगर आप अभी PCOS को ठीक से समझ रही हैं, तो पहले PCOS के लक्षण और जाँचों के बारे में पढ़ लें।
आयुर्वेद इसे कफ दोष (भारीपन और जमाव का तत्व) और मेद धातु (शरीर की चर्बी) के बढ़ने से जोड़ता है। साथ में मंद अग्नि, यानी पाचन की आग धीमी पड़ जाना, जिससे खाना ठीक से पचता नहीं और शरीर भारी लगता है। मैदा, तला हुआ और बहुत मीठा खाना गुरु (पचने में भारी) होता है, और देर रात खाया जाए तो कफ और बढ़ता है। आज का विज्ञान इसी खाने को इंसुलिन पर बोझ कहता है। यानी दादी की "रात को हल्का खाओ" वाली बात के पीछे ठोस वजह है।
PCOS में क्या खाना चाहिए: थाली का आसान नियम
2023 की अंतरराष्ट्रीय PCOS गाइडलाइन किसी एक ख़ास डाइट को ज़रूरी नहीं बताती। वह स्वस्थ जीवनशैली पर ज़ोर देती है और यह भी कहती है कि वज़न को लेकर किसी को शर्मिंदा न किया जाए। तो महँगे डाइट प्लान की ज़रूरत नहीं है। अपनी रोज़ की थाली को बस ऐसे बाँट लें:
- आधी थाली सब्ज़ी: पालक, लौकी, भिंडी, गोभी, सलाद
- एक चौथाई प्रोटीन: दाल, चना, राजमा, दही, पनीर, अंडा, मछली या चिकन
- एक चौथाई अनाज: रोटी, चावल, बाजरा, ज्वार, रागी या दलिया
- साथ में थोड़ा घी या तेल, और एक कटोरी दही या छाछ
प्रोटीन और फ़ाइबर पेट देर तक भरा रखते हैं और खाने के बाद शुगर को धीरे चढ़ने देते हैं। इसलिए हर बार के खाने में दाल या कोई प्रोटीन रखें, नाश्ते में भी।
सही अनाज और low GI खाना
GI (glycemic index) बताता है कि कोई खाना ब्लड शुगर कितनी तेज़ी से बढ़ाता है। मैदा, सफ़ेद ब्रेड, बिस्कुट और मीठे पेय का GI ऊँचा होता है। साबुत अनाज, दालें, ज़्यादातर सब्ज़ियाँ और साबुत फल धीरे असर करते हैं।
एक meta-analysis में ज़्यादा वज़न वाली 412 PCOS महिलाओं के अध्ययनों को मिलाकर देखा गया। low GI डाइट लेने वाली महिलाओं में शरीर के अनचाहे बाल कम पाए गए। पर शोधकर्ताओं ने ख़ुद माना कि किसी एक सबसे अच्छी डाइट को चुनने के लिए सबूत अभी मज़बूत नहीं हैं।
रोज़ की रसोई में इसका मतलब सीधा है: चावल छोड़ना ज़रूरी नहीं। एक कटोरी चावल के साथ दाल और सब्ज़ी ज़्यादा लें। मैदे की जगह आटा, बाजरा या ज्वार। सफ़ेद चावल की जगह कभी-कभी ब्राउन राइस या मिलेट। और थाली में पहले सलाद-सब्ज़ी, फिर दाल, आख़िर में रोटी-चावल खाएँ।
मीठा कब खाएँ और नाश्ता क्यों न छोड़ें
मीठा पूरी तरह बंद करना ज़्यादातर लोगों से निभता नहीं। बेहतर है कि मिठाई या फल खाली पेट न खाएँ, बल्कि खाने के बाद थोड़ी मात्रा में लें। फल साबुत खाएँ, जूस नहीं।
खाने का समय भी मायने रखता है। इज़राइल के एक अध्ययन में 60 दुबली PCOS महिलाओं को 90 दिन तक दो तरह की डाइट दी गई: एक में सबसे ज़्यादा कैलोरी नाश्ते में, दूसरे में रात के खाने में। नाश्ते वाले ग्रुप में free testosterone 50% घटा और ओव्यूलेशन भी बेहतर हुआ। रात वाले ग्रुप में ऐसा बदलाव नहीं दिखा। अध्ययन छोटा है और दुबली महिलाओं पर हुआ, पर दादी-नानी की पुरानी सीख से यह पूरी तरह मेल खाता है: नाश्ता भरपेट, रात का खाना हल्का।
PCOS में क्या नहीं खाना चाहिए (या कम करें)
इन चीज़ों को हमेशा के लिए छोड़ना ज़रूरी नहीं, बस इन्हें रोज़ की आदत न बनने दें:
- मीठे पेय: कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस, बहुत मीठी चाय-कॉफ़ी
- मैदे वाली चीज़ें: बिस्कुट, नमकीन, ब्रेड, पिज़्ज़ा
- रोज़ के समोसे, पकौड़े और बाहर का तला हुआ खाना
- देर रात का भारी खाना और बिना सोचे-समझे स्नैकिंग
एक बड़ी समीक्षा ने भी यही पाया कि कम कार्ब या low GI डाइट से कुछ मेटाबॉलिक चीज़ें सुधरती हैं, पर सिर्फ़ डाइट से सब कुछ ठीक हो जाने का पक्का सबूत नहीं है। इसलिए डाइट को नींद, चलना-फिरना और ज़रूरत हो तो इलाज के साथ जोड़ें।
रसोई से कुछ आसान आदतें
- सुबह गुनगुना पानी, चाहें तो उसमें एक चम्मच जीरा या मेथी दाना रात भर भिगोकर।
- नाश्ते में बेसन चीला, मूंग दाल चीला, पोहा में मूंगफली, या अंडा और एक रोटी।
- खाने के बाद 10 मिनट टहलना।
- रात का खाना सोने से दो-तीन घंटे पहले, और हल्का।
- शाम की भूख के लिए भुना चना, मखाना या एक फल।
मेथी, दालचीनी जैसे मसाले खाने में डालना ठीक है। पर किसी जड़ी-बूटी या सप्लीमेंट को दवा की तरह लेना हो, तो पहले डॉक्टर से बात करें, ख़ासकर अगर आप प्रेगनेंट हैं, बच्चे को दूध पिला रही हैं या पहले से कोई दवा ले रही हैं। PCOS या शुगर की दवा चल रही हो, तो डाइट बदलने के साथ उसे अपने आप बंद न करें। पीरियड्स देर से आते हैं तो अनियमित पीरियड्स के घरेलू उपाय भी पढ़ें।
डॉक्टर से कब मिलें
- तीन महीने या उससे ज़्यादा से पीरियड नहीं आए
- पीरियड में बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग, या 8 दिन से ज़्यादा चलना
- बहुत प्यास लगना, बार-बार पेशाब, या अचानक वज़न बदलना
- गर्दन के पीछे या बगल में काली, मोटी त्वचा
- चेहरे पर तेज़ी से बाल बढ़ना या आवाज़ भारी होना
- एक साल से गर्भ ठहरने की कोशिश
- खाने को लेकर लगातार डर, या बार-बार खाना छोड़ना
इनमें से कुछ भी हो तो गायनेकोलॉजिस्ट को दिखाएँ। डॉक्टर शुगर, इंसुलिन, थायरॉइड और हॉर्मोन की जाँच से तय करेंगे कि आपकी डाइट के साथ और क्या चाहिए।
तो चावल की कटोरी से डरने की ज़रूरत नहीं है। कल सुबह से बस नाश्ते में एक चीला या अंडा जोड़िए, दोपहर की थाली में दाल की कटोरी थोड़ी बड़ी कीजिए और रात का खाना आठ बजे तक निपटा दीजिए। दो-तीन महीने यह करके देखिए, फिर अपने पीरियड्स और भूख में फ़र्क़ ख़ुद नोट कीजिए।
PCOS को पूरा समझना है?
लक्षण, कारण, PCOD से फ़र्क़, ज़रूरी जाँचें और इलाज, सब एक जगह: PCOS क्या है: लक्षण, कारण और इलाज की पूरी गाइड।
जब आपको अपने लिए बना प्लान चाहिए
कोई भी लेख आपकी रिपोर्ट नहीं पढ़ सकता। वह बता सकता है कि आम तौर पर क्या होता है और क्यों, लेकिन आपकी परेशानी की असली वजह जानने के लिए डॉक्टर को आपका पूरा इतिहास देखना पड़ता है।
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यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और आपके अपने डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवा, जड़ी-बूटी या सप्लीमेंट शुरू या बंद करने से पहले किसी योग्य डॉक्टर से ज़रूर बात करें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हों, स्तनपान करा रही हों, या पहले से कोई दवा ले रही हों।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PCOS में चावल खा सकते हैं?
हाँ। चावल पूरी तरह बंद करने की ज़रूरत नहीं है। एक कटोरी चावल के साथ दाल, सब्ज़ी और दही ज़्यादा लें, ताकि ब्लड शुगर धीरे बढ़े। कभी-कभी ब्राउन राइस या मिलेट से बदल सकती हैं।
PCOS में कौन से फल खाने चाहिए?
अमरूद, सेब, नाशपाती, पपीता, संतरा और जामुन जैसे फल साबुत खाएँ। जूस से बचें, क्योंकि उसमें फ़ाइबर नहीं रहता। आम और केला भी खा सकती हैं, बस थोड़ी मात्रा में और खाने के बाद।
PCOD में क्या नहीं खाना चाहिए?
रोज़ के मीठे पेय, पैक्ड जूस, मैदे वाले बिस्कुट-ब्रेड और बाहर का तला हुआ खाना कम करें। इन्हें हमेशा के लिए छोड़ना ज़रूरी नहीं, बस ये रोज़ की आदत न बनें। शादी-त्योहार की मिठाई खाने के बाद थोड़ी सी लें, खाली पेट नहीं।
क्या सिर्फ़ डाइट से PCOS ठीक हो सकता है?
नहीं, डाइट से PCOS जड़ से ख़त्म नहीं होता। सही खाना इंसुलिन, वज़न और पीरियड्स में मदद कर सकता है, पर नींद, एक्सरसाइज़ और ज़रूरत हो तो डॉक्टर का इलाज भी चाहिए।
संदर्भ
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- Jakubowicz D, Barnea M, Wainstein J, Froy O. Effects of caloric intake timing on insulin resistance and hyperandrogenism in lean women with polycystic ovary syndrome. Clin Sci (Lond). 2013;125(9):423-32.
- Moslehi N, Zeraattalab-Motlagh S, Rahimi Sakak F, Shab-Bidar S, Tehrani FR, Mirmiran P. Effects of nutrition on metabolic and endocrine outcomes in women with polycystic ovary syndrome: an umbrella review of meta-analyses of randomized controlled trials. Nutr Rev. 2023;81(5):555-577.
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