PCOD की दवा (pcod ki dawa): डॉक्टर कौन सी दवाएँ देते हैं और क्यों

जो दवा सहेली के PCOD में काम कर गई, वही आपके लिए भी ठीक रहेगी, है ना? पड़ोस वाली आंटी अपनी बेटी की पर्ची फ़ोन पर भेज देती हैं, केमिस्ट भैया कहते हैं "यही सबसे ज़्यादा चलती है", और यूट्यूब पर कोई pcod ki dawa का एक नाम लेकर उसे सबसे असरदार बता देता है।
हाँ, PCOD में दवाएँ सच में मदद करती हैं, और बहुत सी महिलाओं के लिए रोज़ की परेशानी उनसे कम होती है। पर सहेली की पर्ची आपकी पर्ची नहीं है। डॉक्टर दवा यह देखकर चुनते हैं कि आपको सबसे ज़्यादा क्या तंग कर रहा है और आप अगले कुछ सालों में क्या चाहती हैं। तो "PCOD की सबसे अच्छी दवा कौन सी है", इसका सीधा जवाब यही है कि जो आपकी जाँच और आपके लक्ष्य को देखकर चुनी गई हो।
pcod ki dawa एक क्यों नहीं होती
PCOD (जिसे PCOS भी कहा जाता है) में हर महिला की तस्वीर अलग होती है। किसी में पीरियड्स महीनों तक नहीं आते, किसी के चेहरे पर बाल और मुँहासे बढ़ते हैं, किसी की शुगर और वज़न ऊपर जाता है, और किसी को प्रेग्नेंसी में दिक़्क़त होती है। दोनों नामों का फ़र्क़ समझना हो तो PCOS और PCOD में अंतर पढ़ लीजिए।
आयुर्वेद इसे कफ और वात के असंतुलन से जोड़ता है, जहाँ मंद अग्नि (कमज़ोर पाचन शक्ति) से आम (अधपचा, चिपचिपा कचरा) बनता है और आर्तव (मासिक धर्म) का रास्ता रुकने लगता है। आधुनिक विज्ञान इसी को इंसुलिन रेज़िस्टेंस और बढ़े हुए androgen (पुरुष हॉर्मोन) की भाषा में समझाता है। दोनों ही मानते हैं कि गड़बड़ी पाचन और मेटाबॉलिज़्म से शुरू होती है और अंडाशय उसका असर झेलते हैं। दवा उस लक्षण को पकड़ती है जो आपको सबसे ज़्यादा परेशान कर रहा है।
अनियमित पीरियड्स, मुँहासे और अनचाहे बाल: हॉर्मोन वाली गोली
2023 की अंतरराष्ट्रीय PCOS गाइडलाइन combined oral contraceptive pill (हॉर्मोन वाली गोली) को अनियमित पीरियड्स और androgen बढ़ने के लक्षणों की पहली पसंद की दवा मानती है। यह गोली पीरियड्स को एक तय चक्र में लाती है और मुँहासे व बालों पर धीरे-धीरे असर करती है।
बस इतना समझ लीजिए कि गोली जब तक चलती है, तभी तक चक्र बँधा रहता है। अंदर की वजह इससे हमेशा के लिए नहीं जाती। और यह गोली हर किसी को सूट भी नहीं करती। डॉक्टर पहले आपका ब्लड प्रेशर, माइग्रेन, सिगरेट और खून के थक्के की पारिवारिक हिस्ट्री पूछेंगे। यह गोली आप प्रेग्नेंसी की कोशिश के दौरान नहीं ले सकतीं, क्योंकि इसका काम ही ओव्यूलेशन रोकना है।
शुगर, इंसुलिन और वज़न: metformin
गाइडलाइन के मुताबिक़ metformin मुख्य रूप से मेटाबॉलिक दिक़्क़तों के लिए दी जाती है, जैसे इंसुलिन रेज़िस्टेंस, बढ़ी शुगर या वज़न। गाइडलाइन यह भी कहती है कि महिलाओं को बताया जाए कि metformin और सक्रिय जीवनशैली बदलाव का असर मिलता-जुलता है। तो दवा शुरू हो जाए, तब भी शाम की सैर और थाली में दाल-सब्ज़ी उतनी ही ज़रूरी रहती है।
शुरू के हफ़्तों में पेट गड़बड़ाना, दस्त, गैस या जी मिचलाना काफ़ी आम है। 44 ट्रायल (2253 महिलाओं) की Cochrane समीक्षा में भी metformin के साथ पेट से जुड़े गंभीर साइड इफ़ेक्ट हॉर्मोन वाली गोली से ज़्यादा दिखे। गाइडलाइन कहती है कि ये हल्के साइड इफ़ेक्ट आमतौर पर खुराक पर निर्भर करते हैं और अपने आप कम हो जाते हैं। इसी वजह से डॉक्टर अक्सर इसे धीरे-धीरे शुरू करवाते हैं। पेट ज़्यादा परेशान करे तो गोली अपने आप छोड़ने के बजाय डॉक्टर को फ़ोन कीजिए, वे तरीक़ा बदल सकते हैं।
प्रेग्नेंसी की कोशिश: ओव्यूलेशन की दवा
माँ बनने की कोशिश शुरू हो, तो पर्ची भी बदल जाती है। गाइडलाइन के अनुसार जिन महिलाओं में ओव्यूलेशन नहीं हो रहा और बांझपन की कोई दूसरी वजह नहीं है, उनमें letrozole पहली पसंद की दवा है, और clomiphene के मुक़ाबले इसे बेहतर माना गया है।
यह दवा सिर्फ़ डॉक्टर की निगरानी में, कुछ चक्रों के लिए दी जाती है, और कई बार अल्ट्रासाउंड से देखा जाता है कि अंडा बन रहा है या नहीं। किसी की पर्ची देखकर इसे खुद शुरू मत कीजिए। बिना जाँच या ग़लत दिन पर ली गई दवा से कुछ नहीं होता, और हर ख़ाली महीना मन पर भारी पड़ता है।
आम सलाह एक हद तक ही काम आती है, है ना?
आपके शरीर की ज़रूरत थोड़ी अलग हो सकती है। अपना नंबर छोड़ दीजिए, हमारी केयर टीम आपको कॉल करके आपकी बात समझेगी।
चेहरे के बाल और बालों का झड़ना: anti-androgen दवाएँ
गाइडलाइन कहती है कि अगर कम से कम 6 महीने हॉर्मोन वाली गोली या कॉस्मेटिक इलाज के बाद भी बालों में ठीक सुधार न हो, तब anti-androgen दवाओं पर विचार किया जा सकता है। इनके साथ सावधानी बड़ी है। अगर इन्हें लेते समय प्रेग्नेंसी हो जाए, तो लड़के के गर्भ में जननांगों का विकास अधूरा रह सकता है। इसलिए इनके साथ भरोसेमंद गर्भनिरोध ज़रूरी है। लेज़र भी एक रास्ता है, और कई बार गोली के साथ बेहतर असर देता है।
pcod ki ayurvedic medicine: किन बातों का ध्यान रखें
आयुर्वेद में शतावरी, अशोक, कांचनार गुग्गुलु या पुष्यानुग चूर्ण जैसी औषधियाँ आर्तव और अग्नि को संतुलित करने के लिए इस्तेमाल होती हैं। सही वैद्य इन्हें आपकी प्रकृति, पाचन और लक्षण देखकर चुनते हैं, इसलिए दो महिलाओं का नुस्ख़ा अलग हो सकता है।
दिक़्क़त तब आती है जब दवा बिना पर्ची के ऑनलाइन मँगा ली जाए। 2008 के एक अध्ययन में इंटरनेट से ख़रीदी गई आयुर्वेदिक दवाओं में से 20.7% में lead, mercury या arsenic जैसी भारी धातुएँ मिलीं। इसलिए:
- दवा किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर की पर्ची से लें, और जानी-मानी फ़ार्मेसी से ख़रीदें।
- डिब्बे पर सामग्री, बैच नंबर और लाइसेंस नंबर देखें। जो दवा अपनी सामग्री न बताए, उसे न लें।
- अगर आप प्रेग्नेंट हैं, बच्चे को दूध पिला रही हैं, या थायरॉइड, शुगर या हॉर्मोन की कोई दवा पहले से ले रही हैं, तो कोई भी जड़ी-बूटी शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछें।
- जो भी आयुर्वेदिक दवा या सप्लीमेंट ले रही हैं, उसकी जानकारी अपने एलोपैथिक डॉक्टर को भी दें।
inositol जैसे सप्लीमेंट के बारे में गाइडलाइन कहती है कि इनसे नुक़सान कम है, पर ओव्यूलेशन, बालों या वज़न पर फ़ायदा भी सीमित है। आयुर्वेद के नज़रिए से पीरियड्स की देखभाल को और समझना हो तो अनियमित पीरियड्स का आयुर्वेदिक इलाज पढ़िए।
दवा शुरू करने से पहले अच्छा डॉक्टर क्या करता है
अच्छा डॉक्टर पर्ची लिखने से पहले आपकी बात सुनता है। वह पूछेगा कि आपकी सबसे बड़ी परेशानी क्या है, पीरियड्स का पिछला हिसाब क्या रहा, और क्या आप जल्द प्रेग्नेंसी चाहती हैं। वज़न और कमर का नाप लेगा, और थायरॉइड, prolactin, शुगर जैसी जाँचें करवाएगा, क्योंकि ये भी पीरियड्स बिगाड़ सकती हैं। फिर बताएगा कि दवा कितने महीने चलेगी और कब दोबारा मिलकर देखेंगे कि असर हुआ या नहीं। पूरे इलाज की तस्वीर, यानी दवा, आयुर्वेद और लाइफ़स्टाइल एक साथ, PCOD का इलाज वाले लेख में है।
जो दवा अभी चल रही है, उसे अपने मन से बंद, कम या किसी दूसरी दवा से न बदलें। कुछ बदलना है तो पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
डॉक्टर से कब मिलें
- तीन महीने से पीरियड नहीं आया और प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव है।
- इतनी ब्लीडिंग कि हर एक-दो घंटे में पैड बदलना पड़े, या चक्कर आएँ।
- हॉर्मोन वाली गोली के दौरान तेज़ सिरदर्द, आँखों के आगे धुँधलापन, सीने में दर्द या एक पैर में सूजन और दर्द हो। यह तुरंत दिखाने वाली बात है।
- metformin से उल्टी या दस्त कई दिनों तक न रुकें।
- चेहरे पर बाल बहुत तेज़ी से बढ़ें या आवाज़ भारी होने लगे।
- कोई भी नई जड़ी-बूटी शुरू करने के बाद आँखें या पेशाब पीले दिखें, या पेट के दाईं ओर दर्द हो।
आज शाम एक काम कर लीजिए। घर में जितनी दवाएँ, चूर्ण और सप्लीमेंट के डिब्बे हैं, सबको मेज़ पर रखकर एक फ़ोटो खींच लीजिए, ताकि डॉक्टर को पूरी लिस्ट दिखा सकें। फ़ोन में पिछले छह पीरियड्स की तारीख़ें भी लिख लीजिए। फिर डॉक्टर के पास जाएँ तो पहले ही बता दीजिए कि इस साल आपको सबसे ज़्यादा क्या चाहिए, पीरियड्स, साफ़ त्वचा, शुगर या बच्चा। आपकी पर्ची का बड़ा हिस्सा इसी जवाब से तय होगा।
PCOS को पूरा समझना है?
लक्षण, कारण, PCOD से फ़र्क़, ज़रूरी जाँचें और इलाज, सब एक जगह: PCOS क्या है: लक्षण, कारण और इलाज की पूरी गाइड।
जब आपको अपने लिए बना प्लान चाहिए
कोई भी लेख आपकी रिपोर्ट नहीं पढ़ सकता। वह बता सकता है कि आम तौर पर क्या होता है और क्यों, लेकिन आपकी परेशानी की असली वजह जानने के लिए डॉक्टर को आपका पूरा इतिहास देखना पड़ता है।
Qura में यही होता है। हमारी BAMS आयुर्वेदिक डॉक्टर आपसे वीडियो कॉल पर बात करती हैं, आपकी रिपोर्ट देखती हैं, और डाइट, आयुर्वेदिक दवा और नियमित फ़ॉलो-अप के साथ 90 दिन का प्लान बनाती हैं। हम यह नहीं कहेंगे कि PCOS अपने आप चला जाएगा, क्योंकि कोई ईमानदार डॉक्टर यह वादा नहीं कर सकता। हम इतना कर सकते हैं कि आपकी परेशानी के पीछे की असली वजह ढूँढें और उस पर काम करें।
अपना कंसल्टेशन बुक करें या पहले आम सवालों के जवाब पढ़ लें।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और आपके अपने डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवा, जड़ी-बूटी या सप्लीमेंट शुरू या बंद करने से पहले किसी योग्य डॉक्टर से ज़रूर बात करें, ख़ासकर अगर आप गर्भवती हों, स्तनपान करा रही हों, या पहले से कोई दवा ले रही हों।
किसी से सीधे बात करनी है?
अपना नाम और WhatsApp नंबर छोड़ दीजिए। हमारी केयर टीम आपको कॉल करके आपकी परेशानी समझेगी और आगे क्या करना है, यह तय करने में मदद करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PCOD के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?
कोई एक दवा सबके लिए सबसे अच्छी नहीं होती। अनियमित पीरियड्स और मुँहासों में अक्सर हॉर्मोन वाली गोली, शुगर और इंसुलिन की दिक़्क़त में metformin, और प्रेग्नेंसी की कोशिश में letrozole जैसी ओव्यूलेशन की दवा पर विचार होता है। आपके लिए सही दवा जाँच और आपके लक्ष्य के बाद डॉक्टर ही तय करेंगे।
क्या PCOD की दवा ज़िंदगी भर खानी पड़ती है?
ज़रूरी नहीं। दवा अक्सर किसी ख़ास लक्ष्य के लिए कुछ महीनों या सालों तक चलती है, और लक्ष्य बदले तो दवा भी बदलती है। खाना, कसरत और नींद लंबे समय तक साथ रहते हैं। दवा कब रोकनी है, यह अपने डॉक्टर के साथ बैठकर तय कीजिए।
क्या PCOD की आयुर्वेदिक दवा सुरक्षित है?
किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर की देखरेख में और भरोसेमंद फ़ार्मेसी से ली गई दवा का ख़तरा कम होता है। बिना पर्ची के ऑनलाइन मँगाई दवाओं में भारी धातुएँ मिलने की बात अध्ययनों में सामने आई है। प्रेग्नेंसी, स्तनपान या कोई दूसरी दवा चल रही हो, तो शुरू करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर पूछें।
क्या एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवा साथ ले सकते हैं?
कई बार ले सकते हैं, पर यह फ़ैसला अकेले न करें। दोनों डॉक्टरों को बताइए कि आप क्या-क्या ले रही हैं, ताकि किसी दवा का असर या साइड इफ़ेक्ट आपस में न टकराए। किसी भी पर्ची वाली दवा को आयुर्वेदिक दवा के भरोसे अपने मन से बंद न करें।
संदर्भ
- Teede HJ, Tay CT, Laven JJE, et al. Recommendations From the 2023 International Evidence-based Guideline for the Assessment and Management of Polycystic Ovary Syndrome. J Clin Endocrinol Metab. 2023;108(10):2447-2469.
- Fraison E, Kostova E, Moran LJ, et al. Metformin versus the combined oral contraceptive pill for hirsutism, acne, and menstrual pattern in polycystic ovary syndrome. Cochrane Database Syst Rev. 2020;8(8):CD005552.
- Saper RB, Phillips RS, Sehgal A, et al. Lead, mercury, and arsenic in US- and Indian-manufactured Ayurvedic medicines sold via the Internet. JAMA. 2008;300(8):915-23.
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